
ट्रंप और एलन मस्क के बीच तनाव कम होने, चीन के शी के साथ ट्रंप की सकारात्मक बातचीत और ईरान या रूस की ओर से कोई बड़ा तनाव न बढ़ने से बाजार की धारणा में सुधार हुआ है। हालांकि, US के कमजोर रोज़गार आंकड़े और ट्रंप के “बिग, ब्यूटीफुल बिल” को लेकर संदेह, US और कनाडा के अहम रोज़गार आंकड़ों से पहले निवेशकों को सतर्क रख रहे हैं।
एशिया में, कमजोर बॉन्ड मांग और मिले-जुले आंकड़ों के बीच BoJ के सख्त रुख का बचाव करने में जापान की मुश्किलें EU-अमेरिका और EU-चीन के व्यापार तनाव को और बढ़ा रही हैं। जापान-अमेरिका व्यापार वार्ता में मामूली प्रगति से कुछ राहत मिली है। इस बीच, ECB ने ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की, लेकिन उसका रुख सख्त बना रहा।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स छह हफ़्ते के निचले स्तर पर है, जबकि सोना साप्ताहिक बढ़त बनाए हुए है। प्रमुख मुद्राओं में उतार-चढ़ाव जारी है, तेल की कीमतों में गिरावट आई है और हाल की गिरावट के बाद क्रिप्टोकरेंसी स्थिर हो रही हैं। शेयरों में मामूली बढ़त है, लेकिन बॉन्ड यील्ड ऊंची होने से डेटा जारी होने से पहले जोखिम लेने की धारणा पर दबाव है।
ECB ने उम्मीद के मुताबिक ब्याज दर में 0.25% की कटौती की, लेकिन उसके बयान और अध्यक्ष Lagarde की टिप्पणियों से संकेत मिला कि जुलाई में दरों पर विराम लग सकता है। कमजोर US Dollar के साथ इसने EURUSD को 22 अप्रैल के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया। हालांकि, शुक्रवार की शुरुआत में बाजार की सतर्क धारणा ने आगे की बढ़त को सीमित रखा।
GBPUSD फरवरी 2022 के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इसकी वजह पुष्टि हुआ तेजी का “Cup and Handle” चार्ट पैटर्न और अमेरिका-ब्रिटेन व्यापार वार्ता को लेकर आशावाद था। BoE अधिकारियों की सख्त रुख वाली टिप्पणियों ने भी तेजी को बल दिया, हालांकि हाल के UK PMI आंकड़े BoE के सकारात्मक अनुमान का पूरी तरह समर्थन नहीं कर पाए।
इस बीच, USDJPY में लगातार दूसरे दिन बढ़त जारी रही। जापान के 30-वर्षीय बॉन्ड की कमजोर मांग और मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों के बीच BoJ की ब्याज दर बढ़ोतरी को लेकर चिंताओं ने येन पर दबाव डाला। प्रगति के संकेतों के बावजूद अमेरिका-जापान व्यापार वार्ता से मिले-जुले संकेत और बाजार का आम तौर पर सकारात्मक मूड भी इस पेयर की रिकवरी में सहायक रहे।
शुक्रवार की शुरुआत में AUDUSD नवंबर 2024 के बाद के अपने उच्चतम स्तर से नीचे आया, NZDUSD अक्टूबर के उच्च स्तरों के करीब उतार-चढ़ाव करता रहा और USDCAD आठ महीने के निचले स्तर के करीब दबाव में रहा। कमजोर अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी व्यापार समझौतों को लेकर आशावाद और चीन के प्रोत्साहन उपायों से कमोडिटी करेंसीज़ को समर्थन मिलता रहा।
हालांकि, अगर अमेरिका-ईरान परमाणु समझौता होता है तो ईरान से संभावित तेल निर्यात को लेकर चिंताएँ और OPEC+ की उत्पादन बढ़ाने की योजनाएँ ऊर्जा बाज़ारों पर दबाव डाल रही हैं। RBA, RBNZ और BoC के नरम रुख के साथ यह दबाव ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, न्यूज़ीलैंड डॉलर और कनाडाई डॉलर में आगे की बढ़त को सीमित करता है।
इस बीच, BoC के हालिया दर कटौती रोकने के फैसले और NFP तथा कनाडा के रोजगार आंकड़ों से पहले की सावधानी के चलते USDCAD की गिरावट धीमी रहने की आशंका है।
गुरुवार को सोना चार हफ्तों के उच्च स्तर से नीचे आया और गिरावट के साथ बंद हुआ, लेकिन इस सप्ताह अब भी अच्छी बढ़त की राह पर है। कमजोर अमेरिकी डॉलर, अमेरिका के व्यापार समझौतों को लेकर अनिश्चितता, ट्रंप का टैक्स बिल और ईरान, गाज़ा, यूक्रेन तथा चीन से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव सोने को सहारा दे रहे हैं।
चीन और भारत से बढ़ती मांग भी कीमतों को सहारा देती है, खासकर तब जब बॉन्ड यील्ड बढ़ रही हो, अमेरिका के आंकड़े कमज़ोर पड़ रहे हों और अनिश्चितता के दौर में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प तलाश रहे हों।



गुरुवार की तेज़ी के बाद WTI क्रूड ऑयल में उतार-चढ़ाव है, क्योंकि अहम US रोज़गार रिपोर्ट से पहले बाज़ार सतर्क हो रहे हैं। OPEC+ का उत्पादन बढ़ने, ट्रंप के “Drill Baby Drill” अभियान और परमाणु समझौता होने पर ईरान से संभावित सप्लाई को लेकर चिंताएं तेल की कीमतों पर दबाव डाल रही हैं। हालांकि, US के भंडार में गिरावट और Dollar की कमजोरी अब भी तेल में तेज़ी की उम्मीद करने वालों को सहारा दे रही है।
गुरुवार को ट्रंप और मस्क के बीच तनाव और क्रिप्टो ETF में निवेश के प्रवाह धीमे पड़ने से बिटकॉइन (BTCUSD) और एथेरियम (ETHUSD) में तेज बिकवाली हुई। मज़बूत बुनियादी पहलुओं वाले ऑल्टकॉइन्स में बढ़ती दिलचस्पी ने भी दबाव बढ़ाया, क्योंकि निवेशक नए अवसर तलाश रहे हैं। ध्यान देने वाली बात है कि एथेरियम में दो महीनों की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट आई, जबकि बिटकॉइन में इससे एक दिन पहले दो हफ़्तों की सबसे तेज गिरावट दर्ज हुई।
शुक्रवार का आर्थिक कैलेंडर अहम आंकड़ों से भरा है। इनमें Eurozone की पहली तिमाही की GDP, बेरोजगारी, मासिक खुदरा बिक्री और US व Canada की मई की रोजगार रिपोर्ट शामिल हैं। ECB अध्यक्ष Lagarde के भाषण पर भी करीबी नजर रहेगी।
अब तक, अमेरिकी NFP के शुरुआती संकेत कमज़ोर रहे हैं। अगर इसकी पुष्टि होती है, तो इससे अमेरिकी डॉलर पर और दबाव पड़ सकता है और प्रमुख करेंसी, सोने तथा कच्चे तेल को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, रिस्क-ऑफ़ रुख और USD के पक्ष में आने वाली कोई भी ख़बर, जैसे ट्रंप के टैक्स बिल पर प्रगति, डॉलर को रिकवर करने में मदद कर सकती है और अन्य बाज़ारों में बढ़त को सीमित कर सकती है।
ECB के मिले-जुले संकेतों और आंकड़ों के कारण यूरो अब भी दबाव में आ सकता है। वहीं, अगर तेल की कीमतें मजबूत बनी रहती हैं और कनाडा के रोज़गार के आंकड़े बेहतर उम्मीदों पर खरे उतरते हैं, तो USDCAD में और गिरावट आ सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!