विविधीकरण क्या है और इसकी ज़रूरत क्यों होती है? एक भरोसेमंद विविधीकरण रणनीति में अपने सभी निवेशों को अलग-अलग जगह बाँटना शामिल होता है। दूसरे शब्दों में, इसका मतलब है कि आप अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में न रखें। इसके अलावा, विविधीकरण का मकसद लंबे समय में पोर्टफ़ोलियो के उतार-चढ़ाव को कम करना है।

इस लेख में, हम विविधीकरण की परिभाषा समझाएँगे और बताएँगे कि यह स्थिर और नियमित दीर्घकालिक आय सुनिश्चित करने में कैसे मदद कर सकता है।
संभावित जोखिम और अपनी सहनशीलता के बीच सही संतुलन बनाए बिना सफल निवेश करना संभव नहीं है। कुछ लोग रिटायरमेंट के लिए बहुत जल्दी निवेश करना शुरू कर देते हैं। वे ऐसी बढ़ती दरों का जोखिम लेते हैं जो उन्हें महँगाई की रफ़्तार के साथ चलने नहीं देतीं। वहीं, कुछ लोग उम्र बढ़ने के साथ बहुत आक्रामक तरीके से निवेश शुरू करते हैं। इससे वे बाज़ार के उतार-चढ़ाव के जोखिम में आ जाते हैं और नुकसान होने पर उबरने की संभावना कम हो जाती है।
इसलिए, विविधीकरण की परिभाषा को समझते समय हम जोखिम और रिटर्न के अनुपात में सही संतुलन की बात करते हैं। यह तरीका अलग-अलग वित्तीय बाज़ारों में विभिन्न परिसंपत्तियाँ खरीदने जितना आसान नहीं है। यह कहीं अधिक जटिल हो सकता है। अपने पोर्टफ़ोलियो को अलग-अलग श्रेणियों के वित्तीय साधनों में बाँटने के लिए सोच-समझकर बनाई गई रणनीति चाहिए, जिसका मुख्य ध्यान उतार-चढ़ाव और जोखिम कम करने पर हो।



इसी वजह से, अपने पोर्टफ़ोलियो में विविधीकरण करते समय सबसे पहले आपको उसमें शामिल करने के लिए उपयुक्त विकल्प तलाशने चाहिए।
अपनी परिसंपत्तियों को अलग-अलग वित्तीय बाज़ारों और साधनों में बाँटना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके लिए आपको यह समझना होगा कि इनमें से हर बाज़ार कैसे काम करता है, यानी अलग-अलग बाज़ारों की गहरी जानकारी ज़रूरी है। वास्तव में, नीचे दिए गए 4 मुख्य घटकों से आप अपने पोर्टफ़ोलियो में पूरा विविधीकरण कर सकते हैं।
ज़्यादातर निवेशक लंबी अवधि में संभावित रूप से अधिक वृद्धि पाने के लिए इन्हें मुख्य और सबसे आक्रामक साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं। साथ ही, अधिक वृद्धि के साथ हमेशा ज़्यादा जोखिम भी आता है। शेयर बाज़ार में बहुत ज़्यादा उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए, जब आप इन्हें बेचने का फ़ैसला करेंगे, तब इनकी कीमत आपकी उम्मीद से काफ़ी कम हो सकती है।
नियमित ब्याज दर और न्यूनतम उतार-चढ़ाव—इसी वजह से बॉन्ड लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प हैं। इसके अलावा, शेयर बाज़ार में अचानक आने वाली तेज़ी और गिरावट से बचाव के लिए ये एक सहारा बन सकते हैं। जिन लोगों के लिए अनिश्चित जोखिम के साथ संभावित वृद्धि से ज़्यादा सुरक्षा मायने रखती है, उनके लिए बॉन्ड पहली पसंद हैं।
अल्पकालिक CFD, मनी मार्केट फंड के साथ एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। मनी मार्केट फंड ज़्यादा सुरक्षित विकल्प हैं, क्योंकि इनका इस्तेमाल निवेश को सुरक्षित रखने और भविष्य में उसकी स्थिरता बनाए रखने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, ज़रूरत पड़ने पर इन साधनों से आप अपनी पूंजी और पैसे तक आसानी से पहुँच सकते हैं।
बॉन्ड की तुलना में, मनी मार्केट फंड से उतना रिटर्न नहीं मिलता। दूसरी ओर, ये काफ़ी सुरक्षित हैं, भले ही इन्हें FED या अन्य वित्तीय संस्थानों के बीमा का समर्थन न मिला हो।
विदेशी कंपनियों के जारी किए गए शेयर खरीदना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे आपको अपने देश की सिक्योरिटीज़ की तुलना में ज़्यादा बाज़ारों में एक्सपोज़र पाने का फ़ायदा मिलेगा। फिर भी, शेयर बाज़ार में हमेशा जोखिम होता है। इसलिए, अपने पोर्टफ़ोलियो में विविधता लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय एसेट चुनते समय आपको बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।
ऊपर बताए गए विविधीकरण के 4 बुनियादी विकल्पों के अलावा, आप निवेश फैलाने के लिए अन्य एसेट पर भी विचार कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
विविधीकरण का मतलब सिर्फ़ उन सभी एसेट को खरीदना नहीं है जो आपको मिल सकते हैं। यह अलग-अलग साधनों का मूल्यांकन करने और जोखिम, महंगाई, आर्थिक चक्रों तथा कई अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए लंबी अवधि में संभावित वृद्धि की संभावना पहचानने की एक जटिल प्रक्रिया है।
इस सामग्री में निवेश संबंधी सलाह, निवेश संबंधी सिफ़ारिशें, वित्तीय साधनों में किसी भी लेन-देन का प्रस्ताव या आग्रह शामिल नहीं है और इसे ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए। कोई भी निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले, जोखिमों को समझने के लिए स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।