प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग, जिसे संक्षेप में प्रॉप ट्रेडिंग कहते हैं, एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें कोई कंपनी किसी पेशेवर को फॉरेक्स, शेयरों, बॉन्ड, क्रिप्टो, इंडेक्स और अन्य एसेट में ट्रेड करने के लिए नियुक्त करती है और फ़ंड देती है।

नियुक्त किया गया ट्रेडर सबसे अच्छे मुनाफ़े के अवसर तलाशते हुए कई तरह के वित्तीय बाज़ारों में ट्रेड कर सकता है। प्रोप्राइटरी ट्रेडर का मुख्य उद्देश्य अधिकतम मुनाफ़ा कमाना होता है, जिसे वह कंपनी के साथ बाँटेगा।
इसके अलावा, प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग फ़र्म प्रशिक्षण, पेशेवर कोचिंग और अन्य सहायता जैसी अतिरिक्त सेवाएँ दे सकती है। इनकी मदद से उनके प्रतिनिधि अपने निवेश के तरीकों को बेहतर बना सकते हैं।
इस लेख में हम जानेंगे कि प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग कैसे काम करती है और इसके क्या फ़ायदे और नुकसान हो सकते हैं।
कंपनियों (बैंकों या अन्य वित्तीय संस्थानों) के प्रॉप ट्रेडिंग करने का मुख्य कारण अतिरिक्त मुनाफ़ा कमाना है। आम तौर पर, इन संस्थानों के पास ज़्यादा पूँजी और ट्रेडिंग सिग्नल बनाने या जटिल मॉडलिंग करने के लिए अधिक उन्नत ट्रेडिंग सॉफ़्टवेयर होते हैं।
इससे प्रोप्राइटरी ट्रेडर्स को कई अवसर मिलते हैं। वे अपनी संभावित कमाई बढ़ाने के लिए अलग-अलग रणनीतियाँ अपना सकते हैं। इनमें आर्बिट्राज, ग्लोबल मैक्रो ट्रेडिंग, इंडेक्स या वोलैटिलिटी आर्बिट्राज जैसी विशेष रणनीतियाँ और कई अन्य तरीके शामिल हैं।



एक ओर, प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग को सबसे जोखिमभरे निवेश मॉडलों में से एक माना जाता है। दूसरी ओर, यह कमर्शियल और इन्वेस्टमेंट बैंकों के लिए सबसे मुनाफ़े वाले कामों में से एक दिखाई देती है। व्यक्तिगत ट्रेडर्स प्रॉप ट्रेडिंग में शामिल नहीं हो सकते, क्योंकि इस व्यवस्था में ग्राहकों की ओर से ट्रेड करना शामिल नहीं है।
प्रॉप ट्रेडिंग का सबसे बड़ा फ़ायदा भारी मुनाफ़ा है। ब्रोकर मुख्य रूप से कमीशन और अलग-अलग तरह के रिवॉर्ड से कमाई करते हैं, जबकि प्रोप्राइटरी ट्रेडर अपनी आय का 100% फ़र्म के साथ बाँटता है। इसके अलावा, प्रोप्राइटरी ट्रेडर्स को निवेश के ज़्यादा अवसर भी मिलते हैं।
इससे बैंक और वित्तीय संस्थान अधिकतम संभावित आय कमा सकते हैं। इतना ही नहीं, वे ट्रेडर्स को नियुक्त किए बिना खुद ट्रेड करके अपना मुनाफ़ा और बढ़ा सकते हैं।
एसेट का इस्तेमाल करने में लचीलापन प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग का एक और बड़ा फ़ायदा है। आसान शब्दों में, बैंक सट्टे के उद्देश्य से सिक्योरिटीज़ खरीद सकते हैं और बाद में उन्हें अपने ग्राहकों को बेचना शुरू कर सकते हैं। इससे वे भविष्य के लिए सिक्योरिटीज़ का स्टॉक रख सकते हैं। शॉर्ट सेल करने के इच्छुक लोगों को एसेट उधार भी दिए जा सकते हैं।
इससे कंपनियों को बाज़ार की प्रमुख ताक़त बनने का अवसर मिल सकता है, खासकर जब वे कुछ खास या विशेष तरह के एसेट में काम करती हैं। फ़र्म अपनी क्षमता का इस्तेमाल करके कुछ सिक्योरिटीज़ में ग्राहकों को अतिरिक्त लिक्विडिटी दे सकती है।
प्रॉप ट्रेडर्स को उन्नत टेक्नोलॉजी और अधिक पूंजी का पूरा एक्सेस मिलता है। इससे वे ऑटोमेटेड तरीकों सहित लगभग किसी भी रणनीति का इस्तेमाल करके एक साथ हज़ारों ट्रेड कर सकते हैं।
उन्नत ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म की मदद से प्रॉप ट्रेडर्स कई तरह के वित्तीय बाज़ारों में ट्रेड कर सकते हैं और हाई-फ़्रीक्वेंसी ट्रेडिंग का अधिकतम लाभ उठाने की प्रक्रिया को ऑटोमेट कर सकते हैं। प्रॉप ट्रेडर्स के पास अपनी रणनीतियों को विकसित करने, टेस्ट करने, लागू करने और बेहतर बनाने के सभी ज़रूरी टूल होते हैं
सवाल: क्या प्रॉप ट्रेडिंग पर विचार करना एक अच्छी रणनीति है?
जवाब: एक तरफ, प्रॉप ट्रेडिंग में जीतने के अधिक अवसर मिलते हैं। दूसरी तरफ, यह सबसे जोखिम भरे तरीकों में से एक है। इसके अलावा, यह व्यक्तिगत ट्रेडर्स या अपने क्लाइंट्स की ओर से काम करने वाले ब्रोकरों के लिए उपलब्ध नहीं है। हालांकि, अगर आप किसी बैंक या फ़र्म के प्रतिनिधि हैं, तो अतिरिक्त मुनाफ़े के मुख्य स्रोत के रूप में प्रॉप ट्रेडिंग का इस्तेमाल करने पर विचार कर सकते हैं।
सवाल: सबसे लोकप्रिय प्रॉप ट्रेडिंग फ़र्म कौन-सी है?
जवाब: आपको कई सफल प्रॉप ट्रेडिंग फ़र्म मिल सकती हैं। शीर्ष 5 कंपनियों की सूची में Topstep Futures, Fidelcrest, the Funded Trader, Lux Trading Firm और Surge Trader शामिल हैं। इनमें से हर प्रॉप फ़र्म अलग-अलग सिक्योरिटीज़ पर ट्रेड करती है।
सवाल: एक प्रॉप ट्रेडर कितना कमा सकता है?
जवाब: मुनाफ़ा चुनी गई रणनीति और उपलब्ध टेक्नोलॉजी पर निर्भर करता है। इसके अलावा, नतीजा ट्रेडर के कौशल, जानकारी और ट्रेडिंग अनुभव पर भी निर्भर करेगा। आम तौर पर, प्रॉप ट्रेडर्स $40,000 से $1 मिलियन या उससे अधिक कमा सकते हैं। हालांकि, नए प्रॉप ट्रेडर्स अपने करियर की शुरुआत में इससे कम कमाते हैं।
सवाल: एक प्रॉप ट्रेडिंग फ़र्म कितना कमा सकती है?
जवाब: प्रॉप ट्रेडिंग फ़र्म की कमाई इससे कहीं अधिक होती है। मुनाफ़े का स्तर तय किए गए प्रतिशत पर निर्भर करता है। आम तौर पर, यह हर ट्रेड के 20% से 50% तक होता है।
सवाल: क्या प्रॉप ट्रेडिंग कानूनी है?
जवाब: प्रॉप ट्रेडिंग कानूनी है। कंपनियां, वित्तीय संस्थान, समूह और ब्रोकरेज फ़र्म इस तरीके का इस्तेमाल कर सकते हैं। व्यक्तियों के लिए भी यह कानूनी है, लेकिन केवल तभी जब वे किसी फ़र्म की ओर से काम करते हों। यह ज़रूर जांच लें कि आपके क्षेत्र का अधिकार-क्षेत्र प्रॉप ट्रेडिंग की आधिकारिक तौर पर अनुमति देता है।