लॉग आउट
Are you sure you want to exist?

फ़ॉरेक्स डे ट्रेडिंग की रणनीतियाँ

None

इंट्राडे ट्रेडिंग लंबे समय से ट्रेडिंग की सबसे लोकप्रिय गतिविधियों में से एक रही है। आपकी फ़ॉरेक्स डे ट्रेडिंग रणनीति से मिलने वाले डेली ट्रेडिंग सिग्नल, ट्रेडिंग में आपकी सफलता की दिशा में एक अहम कदम हैं। हालांकि, डे ट्रेडिंग की सभी तकनीकें और सिस्टम एक जैसे नहीं होते।

लेख के मुख्य भाग:

आपने शायद सोचा होगा कि आपको लॉन्ग-टर्म ट्रेडिंग करनी चाहिए या शॉर्ट-टर्म। दरअसल, यह फ़ैसला अहम है, क्योंकि इससे आपकी ट्रेडिंग रणनीति और आपकी सोच, दोनों तय होते हैं।

पहली नज़र में, ट्रेडिंग के फ़ैसले लेते समय होने वाले तनाव के लिहाज़ से लॉन्ग-टर्म ट्रेडिंग का तरीका आसान लग सकता है। लेकिन ज़रा फिर से सोचिए। सच कहें तो, एक तरीका दूसरे से कम या ज़्यादा तनावपूर्ण नहीं है।

इसके बजाय, आपको यह तय करना चाहिए कि ट्रेडिंग का कौन-सा तरीका आपके व्यक्तित्व के लिए सबसे उपयुक्त है, और यह फ़ैसला अपना पहला ट्रेड करने से पहले लेना चाहिए। आज हम आपको ट्रेडिंग की अलग-अलग तकनीकें बताएंगे और फ़ॉरेक्स डे ट्रेडिंग के कुछ टिप्स देंगे।

डे ट्रेडिंग क्या है?

आइए, पहले समझें कि फ़ॉरेक्स में डे ट्रेडिंग क्या होती है। इसमें पोज़िशन को एक दिन से ज़्यादा समय तक होल्ड नहीं किया जाता। ध्यान रखें कि इंट्राडे डे ट्रेडिंग के इन सिग्नल और पोज़िशन को स्कैल्पिंग नहीं माना जाता। स्कैल्पिंग में पोज़िशन को कुछ मिनटों या उससे कम समय के लिए होल्ड किया जाता है।

डे ट्रेडिंग का एक अहम फ़ायदा यह है कि आपकी पूंजी केवल कम समय के लिए जोखिम में रहती है। इसलिए, अगर आप किसी ट्रेड में ग़लत फ़ैसला लेते हैं, तो आपको कुछ घंटों के भीतर या उसी दिन पता चल जाएगा। इससे आपको अपनी पूंजी को मुक्त करके नए ट्रेडिंग सेटअप में इस्तेमाल करने का मौका मिलता है। कम समयावधि में ट्रेडिंग करने के लिए, लॉन्ग-टर्म ट्रेडिंग की तुलना में कम पूंजी की ज़रूरत होती है, क्योंकि लॉन्ग-टर्म ट्रेडिंग में आम तौर पर काफ़ी बड़ी पूंजी लगानी पड़ती है।

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग करते समय, आप किसी ट्रेड के अपेक्षित जोखिम/रिवॉर्ड प्रोफ़ाइल का आसानी से पता लगा सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि शॉर्ट-टर्म इंट्राडे या इंट्रा-वीक स्विंग ट्रेडिंग में प्रॉफ़िट टार्गेट और जोखिम, दोनों पहले से स्पष्ट होते हैं। जब यह स्पष्टता बनी रहती है, तो आम तौर पर यह तय करना मुश्किल नहीं होता कि ट्रेड में कब एंट्री और कब एग्ज़िट करनी है, खासकर तब, जब आप प्रॉफ़िट स्टॉप्स का इस्तेमाल करते हैं।

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग का एक और फ़ायदा मार्केट ऑर्डर तय करने की सुविधा है। ये आपके इंट्राडे सेटअप में मदद करते हैं, ताकि आप हर दिन संभावित एंट्री को मैनेज कर सकें।

इंडस्ट्री की बेहतरीन ट्रेडिंग कंडीशन
डिपॉज़िट बोनस
200% तक डिपॉज़िट बोनस 
200% तक
स्प्रेड
0 पिप से स्प्रेड 
0 पिप से
अवॉर्ड की गई कॉपी
ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म अवॉर्ड की गई कॉपी
ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म
तुरंत जुड़ें

सबसे अच्छे फ़ॉरेक्स डे ट्रेडिंग सिस्टम की तलाश को होली ग्रेल की तलाश कहा जाता है। ध्यान रखें कि एक अच्छा फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग सिस्टम उचित मनी मैनेजमेंट के अनुरूप भी होना चाहिए। इन दोनों पहलुओं को अलग नहीं किया जा सकता। डे ट्रेडिंग के दर्जनों सिस्टम मौजूद हैं, और हमने फ़ॉरेक्स डे ट्रेडिंग के संभावित रूप से सबसे अच्छे सिस्टम में से एक को चुना है।

डे ट्रेडिंग रणनीति: 2 EMA बाउंस

डे ट्रेडिंग की यह रणनीति शुरुआती लोगों के लिए बहुत उपयुक्त है।

टाइमफ़्रेम: 15 मिनट, 1 घंटा, 4 घंटे और दैनिक। नए ट्रेडर्स के लिए हम 4 घंटे का टाइमफ़्रेम सुझाते हैं।

पेयर: EUR/USD, GBP/USD, USD/CHF, EUR/JPY, USD/JPY, AUD/USD, NZD/USD।

इंडिकेटर: 7-अवधि का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA7, उदाहरण में नीले रंग में) और 21-अवधि का एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA21, उदाहरण में लाल रंग में)।

बाय ट्रेडिंग सिग्नल (लॉन्ग ट्रेड) के नियम

जाँचें कि कीमत अपट्रेंड में है या नहीं:

- EMA7 लाइन, EMA21 लाइन से ऊपर है

- EMA21 लाइन या तो ऊपर जा रही है या सपाट है (EMA21 लाइन का ढलान ऊपर की ओर होना चाहिए)
- कीमत EMA7 और EMA21, दोनों से ऊपर ट्रेड होनी चाहिए

जब यह सुनिश्चित हो जाए कि कीमत अपट्रेंड में है, तो पुलबैक यानी रिट्रेसमेंट का इंतज़ार करें। कीमत को EMA लाइनों के ऊपर से गिरकर दोनों EMA लाइनों के बीच के क्षेत्र में आना चाहिए। इसके बाद, एक या अधिक कैंडल को EMA21 को छूना चाहिए (या EMA21 से थोड़ा नीचे जाना चाहिए)।

रिट्रेसमेंट होने और EMA21 को छूने या उससे थोड़ा नीचे जाने के बाद, पिछली कैंडल के हाई से 1 पिप (+स्प्रेड) ऊपर बाय ऑर्डर लगाएँ। जब कीमत पिछली कैंडल के हाई से 1 पिप (+स्प्रेड) ऊपर जाती है, तो बाय (लॉन्ग) ट्रेड में एंट्री करें।

स्टॉप लॉस, रिट्रेसमेंट कैंडल के लो से 5 पिप नीचे रखें।

प्रॉफ़िट टार्गेट: आप कोई भी पिवट पॉइंट या नीचे दिए गए विकल्प इस्तेमाल कर सकते हैं:

टेक-प्रॉफ़िट रणनीति 1: टार्गेट कीमत, संभावित नुकसान से लगभग दोगुनी होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर एंट्री कीमत 1.1250 है और हम 1.1200 पर स्टॉप लॉस लगाते हैं, तो संभावित नुकसान 50 पिप होगा। हमारा टार्गेट लगभग 100 पिप, यानी 1.1350 होना चाहिए।

टेक-प्रॉफ़िट रणनीति 2: EMA7 लाइन के ढलान पर नज़र रखें। जब EMA7 का ढलान नीचे की ओर मुड़ने लगे, तो ट्रेड से बाहर निकल जाएँ।

बाय ट्रेड का उदाहरण

None

सेल ट्रेडिंग सिग्नल (सेल ट्रेड) के नियम

पता करें कि कीमत अपट्रेंड में है या नहीं:

  1. EMA7 लाइन, EMA21 लाइन से नीचे है;
  2. EMA21 लाइन या तो नीचे जा रही है या सपाट है (EMA21 लाइन का ढलान नीचे की ओर होना चाहिए);
  3. कीमत EMA7 और EMA21, दोनों से नीचे ट्रेड होनी चाहिए।

जब यह सुनिश्चित हो जाए कि कीमत डाउनट्रेंड में है, तो पुलबैक यानी रिट्रेसमेंट का इंतज़ार करें। कीमत को EMA लाइनों के नीचे से बढ़कर दोनों EMA लाइनों के बीच के क्षेत्र में आना चाहिए। इसके बाद, एक या अधिक कैंडल को EMA21 को छूना चाहिए (या EMA21 से थोड़ा ऊपर उछलना चाहिए)।

रिट्रेसमेंट होने और EMA21 को छूने या उससे थोड़ा ऊपर जाने के बाद, पिछली कैंडल के लो से 1 पिप (+स्प्रेड) नीचे सेल ऑर्डर लगाएँ। जब कीमत पिछली कैंडल के लो से 1 पिप (+स्प्रेड) नीचे जाती है, तो सेल (शॉर्ट) ट्रेड में एंट्री करें।

स्टॉप लॉस, रिट्रेसमेंट कैंडल के हाई से 5 पिप ऊपर रखें।

प्रॉफ़िट टार्गेट: आप कोई भी पिवट पॉइंट या नीचे दिए गए विकल्प इस्तेमाल कर सकते हैं:

टेक-प्रॉफ़िट रणनीति 1: टार्गेट कीमत, संभावित नुकसान से लगभग दोगुनी होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर एंट्री कीमत 1.1250 है और हम 1.1300 पर स्टॉप लॉस लगाते हैं, तो संभावित नुकसान 50 पिप होगा। हमारा टार्गेट लगभग 100 पिप, यानी 1.1150 होना चाहिए।

टेक-प्रॉफ़िट रणनीति 2: EMA7 लाइन के ढलान पर नज़र रखें। जब EMA7 का ढलान ऊपर की ओर मुड़ने लगे, तो ट्रेड से बाहर निकल जाएँ।

सेल ट्रेड का उदाहरण

None

अपडेट के लिए जुड़े रहें! हमारे एजुकेशन सेक्शन

- फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग के 5 ज़रूरी टूल

- कोविड का फ़ॉरेक्स पर असर & कोविड के दौरान ट्रेडिंग के सुझाव

-फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग सेशन

इस सामग्री में निवेश संबंधी सलाह, निवेश संबंधी सिफ़ारिशें, वित्तीय साधनों में किसी भी लेन-देन का प्रस्ताव या आग्रह शामिल नहीं है और इसे ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए। कोई भी निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले, जोखिमों को समझने के लिए स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।