अगर आप अतिरिक्त कमाई के लिए वित्तीय बाज़ारों में पार्ट-टाइम ट्रेडिंग करना चाहते हैं, तो शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग रणनीतियाँ आपके लिए सबसे उपयुक्त लग सकती हैं। इस तरीके का नाम ही इसका मतलब बताता है। इसमें ट्रेडर कम समय में कीमतों के छोटे उतार-चढ़ाव से फ़ायदा उठाता है। यह अवधि कुछ सेकंड से लेकर कुछ दिनों तक हो सकती है।

यह अनुमान-आधारित ट्रेडिंग शैली नए और अनुभवी, दोनों तरह के ट्रेडर्स में काफ़ी लोकप्रिय हो गई है। इसमें आप एक ही समय में कई एसेट्स में ट्रेड कर सकते हैं, यानी आप ज़्यादा पोज़िशन खोल सकते हैं। लंबी अवधि की रणनीतियों के विपरीत, इसमें ऐतिहासिक ट्रेंड के उतार-चढ़ाव का गहराई से विश्लेषण करना ज़रूरी नहीं होता। हालांकि, बाज़ार का विश्लेषण फिर भी ज़रूरी है।
हालांकि शॉर्ट-टर्म रणनीतियाँ अपनाना आसान लग सकता है, लेकिन नए ट्रेडर्स को इनकी सलाह नहीं दी जाती। क्या इनमें इतना जोखिम है? इनके बुनियादी सिद्धांत क्या हैं? आइए, जानें।
एक्टिव ट्रेडिंग के नाम से भी जानी जाने वाली शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग रणनीतियों में कुछ सेकंड से लेकर कई दिनों तक चलने वाली पोज़िशन शामिल होती हैं। यह उन ट्रेडर्स के लिए एक ज़्यादा दिलचस्प विकल्प है, जो कीमतों में बदलाव का इंतज़ार करते हुए हफ़्तों या महीनों तक नहीं बिताना चाहते।
यहाँ कुछ अहम बातें दी गई हैं, जिनसे यह समझना आसान होगा कि ये तरीके कैसे काम करते हैं:
इस ट्रेडिंग शैली का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए, आपको बाज़ार की उपयुक्त स्थितियों वाला एक भरोसेमंद ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म ढूँढ़ना होगा। बेहतर होगा कि आप ऐसे ब्रोकर चुनें जो एसेट्स उनकी मौजूदा वास्तविक कीमत पर उपलब्ध कराते हों। इससे आप संकट के दौरान फ़ायदा उठा सकते हैं और गिरती बाज़ार कीमतों से बड़ी कमाई कर सकते हैं।
अब शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग रणनीति शुरू करने के लिए ज़रूरी प्रमुख साधनों को समझने का समय है।
अगर आपको लगता है कि यह शैली आपके लिए सही है, तो वित्तीय बाज़ार में उतरने से पहले आपको कुछ ज़रूरी कदम उठाने होंगे:



आइए, ऊपर बताई गई हर समस्या पर विस्तार से नज़र डालें।
सबसे पहले, यह तय करें कि आप किस तरह के अल्पकालिक ट्रेडर हैं। इसके 3 मुख्य विकल्प हैं:
आप किस तरह के ट्रेडर हैं, यह समझने के बाद ट्रेड करने के लिए सबसे उपयुक्त एसेट चुनें। इसके लिए आपको अलग-अलग बाज़ारों को जानना और उनका विश्लेषण करना होगा। ये वही बाज़ार हैं जिनमें किसी भी अन्य ट्रेडिंग रणनीति के तहत ट्रेड किया जा सकता है। आप कमोडिटीज़, करेंसी पेयर्स, शेयर और स्टॉक्स, फ़ॉरेक्स, इंडिसेज़ आदि में से चुन सकते हैं।
अल्पकालिक रणनीतियों के लिए फ़ॉरेक्स सबसे लोकप्रिय बाज़ार है। इसकी लोकप्रियता की एक वजह इसकी ज़्यादा वोलैटिलिटी है। इसके अलावा, यह हफ़्ते में 5 दिन, चौबीसों घंटे उपलब्ध रहता है।
ध्यान रखें कि ट्रेडिंग रणनीति सफलता की गारंटी देने वाला कोई जादुई फ़ॉर्मूला नहीं है। यह मुख्य रूप से खास डेटा और बाज़ार की गतिविधियों पर आधारित एक तरीका है। सही रणनीति चुनने से आपको बाज़ार में एंट्री करने का सबसे अच्छा समय तय करने में मदद मिलेगी। इससे यह भी तय होगा कि आप कब ट्रेड करेंगे।
अल्पकालिक रणनीतियों के 4 बुनियादी प्रकार हैं:
आपके लिए कौन-सी रणनीति सही है, यह जानने का सबसे अच्छा तरीका मुफ़्त MTrading डेमो अकाउंट खोलना है। इससे आप बिना जोखिम के अभ्यास कर सकते हैं। आप ऐसी अल्पकालिक ट्रेडिंग रणनीति विकसित कर पाएँगे जो काम करे और आपकी नकदी का नुकसान न हो।
जब आप वास्तविक वित्तीय बाज़ार में ट्रेडिंग शुरू करने के लिए तैयार हों, तो LIVE अकाउंट खोलें और अपनी ट्रेडिंग की सफल शुरुआत करें।
इस सामग्री में निवेश संबंधी सलाह, निवेश संबंधी सिफ़ारिशें, वित्तीय साधनों में किसी भी लेन-देन का प्रस्ताव या आग्रह शामिल नहीं है और इसे ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए। कोई भी निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले, जोखिमों को समझने के लिए स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।