लॉग आउट
Are you sure you want to exist?

2022 के बेयर मार्केट में कहां, किसमें और कैसे निवेश करें

बेयर मार्केट में निवेश करना, बढ़ते हुए मार्केट में ट्रेडिंग करने जितना आसान नहीं है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि कीमत में लगातार गिरावट के दौरान आप अच्छा मुनाफ़ा नहीं कमा सकते। यहां सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि बेयर मार्केट में किसमें निवेश करें, क्योंकि ऐसे विकल्प कम होंगे जिनमें मज़बूत कंपनियां मुश्किल दौर में भी टिक सकें।

None

इसके अलावा, मार्केट में तेजी हमेशा नहीं रह सकती। तेज़ी की स्थितियों की जगह मंदी का दौर आना तय है। यह दौर कई साल तक चल सकता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि मंदी के दौरान आपको मुनाफ़े के मौके नहीं मिल सकते।

इस लेख में हम बताएंगे कि मंदी के मार्केट में कैसे निवेश करें और कौन-सी रणनीतियां सफल हो सकती हैं।

मंदी के बाज़ार में ट्रेड कैसे करें – प्रमुख रणनीतियों की समीक्षा

ट्रेडिंग रणनीति सबसे पहले यह तय करती है कि बाज़ार की स्थितियाँ कैसी भी हों, आपकी सफलता की संभावना कैसी रहेगी। आपको पूरी तरह आश्वस्त होना चाहिए कि चुनी हुई रणनीति कारगर है। इसलिए, इसे लागू करने से पहले सही तरीके से बैकटेस्टिंग करना ज़रूरी है।

वहीं, मंदी के बाज़ार में कहाँ निवेश करना है, यह तय करते समय उपलब्ध तरीकों के विकल्प सीमित होते हैं। यहाँ कुछ सबसे लोकप्रिय रणनीतियाँ दी गई हैं, जिन्हें उन बाज़ार स्थितियों में अपनाया जा सकता है जहाँ एसेट की कीमत लगातार गिर रही हो।

1. मंदी के बाज़ार में निवेश: पाउंड-कॉस्ट एवरेजिंग रणनीति

यह रणनीति काफ़ी सरल है और शुरुआती लोग भी इसे आसानी से अपना सकते हैं। इसका मुख्य विचार पहले से तय समयावधि में नियमित रूप से शेयर खरीदना है। इसमें एकमात्र समस्या यह है कि निवेशकों को हर समय कीमतों की चाल पर नज़र रखनी पड़ती है। कीमत बढ़ने पर आपको कम शेयर खरीदने चाहिए, लेकिन फिर भी लॉन्ग पोज़िशन के साथ बाज़ार में प्रवेश करना चाहिए। इसके विपरीत, कीमत गिरने पर ज़्यादा शेयर खरीदने का अवसर मिलता है।

आमतौर पर, यह रणनीति म्यूचुअल (ओपन-एंडेड) फ़ंड के साथ बेहतर काम करती है, क्योंकि इनमें तथाकथित फ़्रैक्शनल शेयरों के रूप में खरीदारी की जा सकती है। जब ज़्यादातर ट्रेडर शॉर्ट पोज़िशन लेने की कोशिश करते हैं, तब खरीदारी के नए अवसर सामने आते हैं। इसके अलावा, एसेट को काफ़ी छूट पर खरीदने का भी यह एक अच्छा अवसर है।

पाउंड-कॉस्ट एवरेजिंग रणनीति से शेयरों की कुल लागत कम करना और तय समय-सारणी के अनुसार ज़्यादा शेयर खरीदना संभव है। इस रणनीति के ज़रिए फ़ंडामेंटल्स के आधार पर कम लागत में निवेश किया जा सकता है। मंदी के बाज़ार की स्थितियों के कारण जिन अच्छे शेयरों की कीमत अभी कम है, उन्हें ढूँढ़ने का यह एक बढ़िया अवसर है।

इंडस्ट्री की बेहतरीन ट्रेडिंग कंडीशन
डिपॉज़िट बोनस
200% तक डिपॉज़िट बोनस 
200% तक
स्प्रेड
0 पिप से स्प्रेड 
0 पिप से
अवॉर्ड की गई कॉपी
ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म अवॉर्ड की गई कॉपी
ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म
तुरंत जुड़ें

2. मंदी के बाज़ार में निवेश: आय-आधारित निवेश रणनीति

अगर बाज़ार में लगातार गिरावट के दौरान आप छूट पर अच्छे शेयर ढूँढ़ना नहीं चाहते, तो आय-आधारित निवेश रणनीति आज़मा सकते हैं। यह मुख्य रूप से ऐसे साधनों पर आधारित होती है जिनसे आय मिलती है और जो आपके कैश फ़्लो को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

परंपरागत रूप से, निवेशक बचत बॉन्ड, सीडी या ट्रेज़री सिक्योरिटीज़ जैसी समय-परीक्षित और भरोसेमंद एसेट चुनते हैं। अगर आप जोखिम लेने और ज़्यादा मुनाफ़े का फ़ायदा उठाने के लिए तैयार हैं, तो फ़िक्स्ड इनकम वाले ज़्यादा आक्रामक विकल्प चुन सकते हैं। ये हैं:

  • प्रेफ़र्ड स्टॉक्स। यह एसेट निवेशकों को कंपनी में हिस्सेदारी देता है। हालांकि, इससे आपको वोट देने का अधिकार नहीं मिलता। अच्छी बात यह है कि आपको मासिक या तिमाही आधार पर डिविडेंड मिल सकते हैं।
  • जंक बॉन्ड। इनमें BBB से कम रेटिंग वाले बॉन्ड शामिल होते हैं। ये ज़्यादा सुरक्षित बॉन्ड से सस्ते होते हैं, लेकिन डिफ़ॉल्ट का जोखिम ज़्यादा होने के कारण आमतौर पर इन पर ब्याज दरें ज़्यादा मिलती हैं।
  • लिमिटेड पार्टनरशिप। मंदी के बाज़ार में निवेश के विकल्प तलाशते समय, शेयरों की तुलना में इस विकल्प में जोखिम ज़्यादा हो सकता है। दूसरी ओर, इस तरीके से निवेशकों को कई प्रतिस्पर्धी यील्ड का फ़ायदा मिल सकता है। अगर आप Roth या पारंपरिक IRA में हिस्सेदारी रखना पसंद करते हैं, तो लिमिटेड पार्टनरशिप एक अच्छा विकल्प साबित हुई हैं।
  • रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट। REITs एक तय समयावधि में पूँजी में थोड़ी, लेकिन स्थिर वृद्धि की गारंटी देने वाली प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। आमतौर पर, निवेशक किराये की या व्यावसायिक संपत्तियों के समूह से होने वाली मासिक या तिमाही आय की उम्मीद कर सकते हैं।

मंदी के बाज़ार में सुरक्षित तरीके से निवेश कैसे करें

कभी-कभी, निवेशक यह समझ नहीं पाते कि बाज़ार आगे किस दिशा में जाएगा। इससे शुरुआती लोग उलझन में पड़ सकते हैं। ऐसे में, अपनी पूँजी की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतना ज़रूरी है। एक अच्छा तरीका यह है कि अपनी कुछ होल्डिंग एसेट को असली नकदी में बदल लें—कम से कम कुछ समय के लिए। ऐसे कदम सुरक्षा मार्जिन बढ़ा सकते हैं।

आप जो भी करें, अनुशासन के साथ निवेश करना सफलता की कुंजी है। मंदी का बाज़ार दुनिया का अंत नहीं है। देर-सवेर तेज़ी का बाज़ार आएगा। इसलिए, आपको उसके लिए अच्छी तरह तैयार रहना चाहिए और संयम बनाए रखना चाहिए।

इस सामग्री में निवेश संबंधी सलाह, निवेश संबंधी सिफ़ारिशें, वित्तीय साधनों में किसी भी लेन-देन का प्रस्ताव या आग्रह शामिल नहीं है और इसे ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए। कोई भी निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले, जोखिमों को समझने के लिए स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।