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बिना किसी खास उतार-चढ़ाव के ट्रेड होने के बाद, सोने की कीमतें फिर ऊंचे स्तर पर लौट आईं। बुधवार को इससे पहले स्पॉट गोल्ड अपने अब तक के सबसे ऊंचे क्लोज़िंग स्तर पर पहुंचा। इसके अलावा, गुरुवार को भी इस पीली धातु की ट्रेडिंग लगातार ऊंचे स्तरों पर होती रही।
नवंबर में अमेरिका का हाउसिंग सेक्टर निराशाजनक रहा। यही मुख्य वजह थी कि सोने की कीमतों में खास बदलाव नहीं हुआ। सकारात्मक अनुमानों के बावजूद, कुछ ही उपभोक्ता घर खरीदने की प्रक्रिया में शामिल हुए। इसकी वजह अमेरिका में घरों की बिक्री का उम्मीद से कमजोर रहना था। अक्टूबर के आंकड़े पिछले 13 वर्षों का सबसे निचला स्तर दिखाते हैं।
दूसरी ओर, बुधवार को स्पॉट गोल्ड ने दैनिक कारोबार में अब तक का रिकॉर्ड स्तर छू लिया। इसके अलावा, अगले दिन भी इसकी कीमत ऊँचे स्तरों पर बनी रही और $2,100 के ऊपर तेजी आई। इस बीच, बाजार के प्रतिभागी अब भी खरीदारी में शामिल होने को लेकर असमंजस में हैं। इसकी मुख्य वजह कम लिक्विडिटी है।



स्पॉट गोल्ड 0.41% गिरकर $2,068.37 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, पिछले हफ़्ते में इसमें कुल मिलाकर 1.8% की बढ़त रही। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कीमत दो संभावित स्थितियों में से किसी एक के अनुसार आगे बढ़ेगी।
पहले परिदृश्य के मुताबिक, नए साल में सोना नए रिकॉर्ड स्तर छू सकता है। दूसरा परिदृश्य कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट का संकेत देता है, जिससे तेज़ी के कारोबारियों को लॉन्ग पोज़िशन फिर से बनाने का मौका नहीं मिलेगा। एक बात साफ़ है: जनवरी में सोने का बाज़ार सुस्त रहने की संभावना बहुत कम है।
अगर हम भू-राजनीतिक और व्यापक आर्थिक चिंताओं के साथ-साथ लिक्विडिटी को काफ़ी प्रभावित करने वाली अन्य स्थितियों को भी ध्यान में रखें, तो सोने की कीमत में और मज़बूती आने की संभावना जताई जा सकती है। इसके अलावा, कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि यह एसेट जनवरी आते-आते नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच सकता है। सोने की कीमत शुरुआती लक्ष्य के तौर पर $2,100 प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!