
फेडरल रिज़र्व (Fed) के ब्याज दर संबंधी फ़ैसले से पहले बाज़ार सामान्य रूप से एक सीमित दायरे में कारोबार करने लगा है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले उतार-चढ़ाव दिखा रहा है।
पिछले दिन 2 सप्ताह के उच्च स्तर से पलटने के बाद डॉलर निचले स्तरों पर बना हुआ है। इससे कमोडिटी और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर में थोड़ी बढ़त की गुंजाइश बनी है।
हालांकि, AUDUSD जोड़ी इसका अपवाद दिख रही है। ऑस्ट्रेलिया के निराशाजनक महंगाई आंकड़ों के कारण इसमें तीन दिनों में पहली बार दैनिक गिरावट दर्ज हुई। अमेरिकी सांसदों ने अमेरिकी कंपनियों को चीन में अपने निवेश का पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। इसके बाद अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर को लेकर नए डर भी ऑसी जोड़ी पर दबाव डाल सकते हैं। इस बीच, EURUSD में खास हलचल नहीं है, जबकि GBPUSD पिछले दिन सात दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ने के बाद फिर धीरे-धीरे नीचे फिसल रहा है।
सोने की कीमतें लगातार दूसरे दिन मजबूत बनी हुई हैं, जबकि कच्चा तेल तीन महीने के उच्च स्तर के आसपास संघर्ष कर रहा है और हालिया कारोबार में मामूली मांग दिख रही है।
BTCUSD और ETHUSD में भी उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है। ये क्रमशः पांच और तीन सप्ताह के निचले स्तरों से पिछले दिन आई सुधारात्मक उछाल को पलट रहे हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



फेड के फैसले से पहले की चिंता, पिछले दिन के मज़बूत अमेरिकी आंकड़ों और चीन-अमेरिका संबंधों को लेकर नई आशंकाओं के साथ मिलकर भी अमेरिकी डॉलर के खरीदारों को प्रभावित नहीं कर पाई। बाज़ारों को फेड के डॉविश नतीजे की उम्मीद है। फिर भी, फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल डॉविश रुख के लिए मशहूर नहीं हैं। इसलिए यह आशंका बनी हुई है कि वह पॉलिसी में बदलाव की चर्चाओं को खारिज करके बाज़ारों को चौंका सकते हैं, जिससे ट्रेडर सतर्क हैं।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के हेडलाइन महंगाई के आंकड़े—चाहे तिमाही हों या मासिक—कमजोर रहे। इससे RBA के ब्याज दरें बढ़ाने पर हालिया रोक को सही ठहराया जा सकता है। चीन-विरोधी खबरों के साथ मिलकर इसने AUDUSD पर दबाव डाला। ध्यान देने वाली बात है कि ब्रिटेन में मंदी की आशंकाएं GBPUSD में मंदी की उम्मीद लगाए बैठे ट्रेडरों को आशावान बनाए हुए हैं, भले ही हाल के दिनों में अमेरिकी डॉलर की चाल अनिश्चित रही हो।
EURUSD के खरीदार उम्मीद लगाए हुए हैं, क्योंकि ECB के नीति-निर्माताओं ने अपने हालिया बयानों में सख़्त रुख अपनाया। वे इस बात को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं कि बाज़ार में जुलाई के बाद यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी रोकने की संभावना पर भारी दांव लगाए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, Twitter का नया रूप BTCUSD और ETHUSD के खरीदारों को प्रभावित नहीं कर पाया। अमेरिकी नीति-निर्माता इन उतार-चढ़ाव वाली एसेट्स को नियंत्रित करने के लिए सख़्त कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
हालांकि Fed की 0.25% की दर बढ़ोतरी का असर बाजार में पहले से ही काफी हद तक शामिल है, लेकिन हाल के दिनों में नीतिगत बदलाव की चर्चाओं को गति मिलने के कारण ट्रेडर अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अगले कदम जानने में अधिक दिलचस्पी ले रहे हैं। ऐसे में Fed चेयरमैन Jerome Powell का भाषण अहम होगा। अगर Powell और दर बढ़ोतरी का संकेत देकर हॉकिश रुख का बचाव करते हैं, तो अमेरिकी डॉलर में फिर तेजी आ सकती है। इससे कमोडिटी, एंटिपोडियन करेंसीज़ और शेयरों तथा क्रिप्टो जैसे अन्य जोखिम वाले एसेट्स पर नीचे की ओर दबाव पड़ सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!