
सोमवार की शुरुआत में बाजारों में हल्की सुस्ती है। ट्रेडर्स अमेरिका के अहम महंगाई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं और पिछले हफ्ते US Dollar में आई तेजी को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। आंकड़ों से पहले की बेचैनी के अलावा, चीन से जुड़े जोखिम बढ़ाने वाले समाचार और हल्का आर्थिक कैलेंडर भी बाजार की जोखिम लेने की इच्छा पर दबाव डाल रहे हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि चार हफ़्तों की तेजी के बाद EURUUSD में मामूली बढ़त आई है, जबकि दो हफ़्तों की तेजी टूटने के बाद GBPUSD में खरीदारी बढ़ी है।
इसके अलावा, चीन से मिले निराशाजनक संकेतों और घरेलू स्तर पर कमज़ोर आंकड़ों के कारण AUDUSD और NZDUSD दबाव में बने हुए हैं। वहीं, क्रूड ऑयल की कमज़ोर कीमतों के बीच USDCAD ने अब तक चार दिनों में पहली दैनिक बढ़त दर्ज की है और कनाडा के सकारात्मक रोज़गार आंकड़ों को नज़रअंदाज़ किया है।
बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) को लेकर मिली-जुली चिंताओं और अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड की कमज़ोरी के चलते USDJPY के बुल्स को साप्ताहिक बढ़त बचाए रखने में मुश्किल हो रही है। इस हफ्ते जापान के Q1 GDP के शुरुआती आंकड़े जारी होने से पहले का सतर्क माहौल भी दबाव बढ़ा रहा है।
पिछले दिन एक हफ़्ते से ज़्यादा समय की सबसे बड़ी गिरावट के बाद Crude Oil निचले स्तरों पर बना हुआ है। वहीं, पिछले हफ़्ते की बढ़त का कुछ हिस्सा गंवाकर Gold की लगातार दो दिन की तेजी का सिलसिला टूट गया।
अन्य बाज़ारों में, BTCUSD और ETHUSD दोनों क्रिप्टो के लिए नकारात्मक अमेरिकी नियामक कार्रवाइयों का असर झेल रहे हैं, जबकि ट्रेडर्स/निवेशकों का बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



बाज़ार के अनिश्चित माहौल से अमेरिकी डॉलर को फ़ायदा मिला और उसने पिछले हफ़्ते की बढ़त को बनाए रखा। खासकर शुक्रवार को महंगाई की उम्मीदों में आई तेज़ी के बाद। इस बीच, डॉलर को Federal Reserve (Fed) के अधिकारियों की हॉकिश टिप्पणियों और चीन व मध्य पूर्व से जुड़ी जोखिम बढ़ाने वाली ख़बरों से भी समर्थन मिला।
शुक्रवार को, अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन (UoM) कंज़्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स के मई के शुरुआती आंकड़े गिरकर 6 महीने के निचले स्तर पर आ गए। हालांकि, अगले 12 महीनों के लिए महंगाई की उम्मीदें बढ़कर नवंबर 2023 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। इससे अमेरिकी डॉलर को साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने में मदद मिली।
इसके अलावा, इस हफ़्ते जारी चीन के कमजोर Consumer Price Index (CPI) और Producers Price Index (PPI) के आंकड़ों ने इस आशंका को और बढ़ा दिया कि आर्थिक बदलाव को सहारा देने के लिए चीन को सिस्टम में अतिरिक्त फंड की ज़रूरत होगी। इससे US Dollar को बढ़ावा मिला। साथ ही, इस हफ़्ते की समीक्षा के दौरान US President Joe Biden का प्रशासन चीन पर भारी टैरिफ़ लगा सकता है—इस चिंता ने भी बाज़ार का रुख़ प्रभावित किया और Greenback को समर्थन दिया, ख़ासकर मज़बूत यील्ड के बीच। इसके अलावा, Bloomberg के आंकड़ों के मुताबिक 2017 के बाद पहली बार चीन में क्रेडिट में गिरावट ने दुनिया के सबसे बड़े कमोडिटी उपभोक्ता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
ध्यान देने वाली बात है कि चीन के कमजोर आंकड़ों से पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) द्वारा ब्याज दर में कटौती की संभावना बढ़ी। इससे घरेलू मुद्रा के साथ-साथ कमोडिटी और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर पर भी दबाव पड़ा। 20, 30 और 50 साल वाले अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की संभावित बिक्री के बीच यह दबाव और बढ़ा।
मज़बूत US Dollar और चीन से जुड़ी खबरों के अलावा, इराक की टिप्पणियों ने भी कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव डाला। हालांकि, इराक के ऊर्जा मंत्री ने सप्ताहांत में कहा कि वे 1 जून की OPEC+ बैठक में किसी भी अतिरिक्त कटौती पर सहमत नहीं होंगे।
कच्चे तेल की तरह, मज़बूत अमेरिकी डॉलर और चीन के दुनिया के सबसे बड़े सोना खरीदारों में से एक होने के कारण सोने की कीमत को भी दबाव का सामना करना पड़ा। इसने पिछले हफ़्ते की बढ़त का कुछ हिस्सा गंवाया और एक महीने पुरानी नीचे जाती रेज़िस्टेंस लाइन से पीछे हट गया।
दूसरी ओर, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के अधिकारियों की सख्त रुख वाली टिप्पणियों से EURUSD जोड़ी को अमेरिकी डॉलर के तेज़ड़ियों से मुकाबला करने में मदद मिल रही है। वहीं, ब्रिटेन से मिले हालिया संकेतों के बीच GBPUSD में बढ़त आई है। इन संकेतों से पता चलता है कि बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) की ब्याज दरों में कटौती टल सकती है। शुक्रवार को ब्रिटेन की 2024 की पहली तिमाही की GDP के आंकड़े उम्मीद से मज़बूत रहे। वहीं, ब्रिटिश नियोक्ताओं को अगले 12 महीनों में वेतन बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, BoE के मुख्य अर्थशास्त्री ह्यू पिल ने कहा, “जून की बैठक में बैंक ऑफ़ इंग्लैंड की ब्याज दरों में कटौती पर बहुत ज़्यादा दांव लगाना सही नहीं होगा।”
चीन के साथ ट्रेडिंग संबंधों और ऑस्ट्रेलिया व न्यूज़ीलैंड से आए औसत से कमज़ोर मध्यम-स्तरीय डेटा के चलते AUDUSD और NZDUSD निचले स्तरों पर बने हुए हैं। दूसरी ओर, USDJPY में भी ऊपर की ओर बढ़ने की गति नहीं है। इसकी वजह यह है कि जापान की प्रतिनिधि सभा के प्रमुख सदस्य काटो ने कहा कि मौद्रिक नीति का ब्याज दरों को सकारात्मक स्तर पर वापस लाना स्वाभाविक है। इसके अलावा, जापान की 2024 की पहली तिमाही के GDP से पहले सतर्क माहौल, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और BoJ के अगले कदम को लेकर अनिश्चितता भी USDJPY ट्रेडर्स के लिए चुनौती बनी हुई है।
आगे, अमेरिका और यूरोप के कई केंद्रीय बैंक अधिकारी बयान देंगे, जो मोमेंटम ट्रेडर्स के लिए अहम हो सकते हैं। हालांकि, आर्थिक आंकड़ों का हल्का कैलेंडर बाजार की चाल को सीमित कर सकता है। आंकड़े जारी होने से पहले की चिंता भी ट्रेडिंग के रुझान को प्रभावित कर सकती है और सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स को पिछले हफ्ते की रिकवरी बढ़ाने का मौका दे सकती है। ऐसे में अमेरिकी डॉलर में धीरे-धीरे मजबूती आ सकती है, जिससे गोल्ड, EURUSD और GBPUSD में बढ़त की राह मुश्किल हो सकती है। साथ ही, तेल की कीमतों पर नीचे की ओर दबाव पड़ सकता है।