
अमेरिकी ऋण सीमा बढ़ाने को लेकर बातचीत आगे बढ़ने से गुरुवार की शुरुआत में जोखिम का रुझान थोड़ा सकारात्मक हुआ। इसके बावजूद, लंबा वीकेंड नज़दीक होने और नीति-निर्माताओं के अपनी मांगों से पीछे न हटने के कारण, अमेरिका के संभावित डिफ़ॉल्ट से पहले ट्रेडर्स सतर्क हैं।
इसके चलते अमेरिकी स्टॉक फ़्यूचर्स और यील्ड धीरे-धीरे ऊपर चढ़ रहे हैं, जबकि मिले-जुले फेड मिनट्स के बावजूद अमेरिकी डॉलर 2 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। इससे EURUSD और क्रूड ऑयल की कीमतों पर दबाव पड़ा है, लेकिन सुरक्षित निवेश के रूप में इसकी मांग के चलते सोने में मामूली खरीदारी बनी हुई है। ध्यान देने वाली बात है कि जर्मनी के Q1 GDP के आंकड़ों में नीचे की ओर संशोधन से यूरोज़ोन में मंदी की आशंकाएं फिर बढ़ गई हैं और यूरो पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
हाल के मज़बूत जापानी आंकड़ों के बाद बाज़ार, बैंक ऑफ जापान के नरम रुख का फिर से आकलन कर रहे हैं। इस बीच, मज़बूत यील्ड और डॉलर के बावजूद USDJPY को समर्थन नहीं मिल रहा है। GBPUSD सात सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया है, जबकि USDCAD और USDCHF की कीमतों में हाल में कोई स्पष्ट दिशा नहीं दिखी है।
दूसरी ओर, BTCUSD और ETHUSD पिछले दो हफ्तों के सबसे निचले स्तरों पर दबाव में बने हुए हैं, क्योंकि अमेरिकी संस्थागत निवेशकों में तेजी की थकान के संकेत दिख रहे हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अमेरिका के डिफ़ॉल्ट को लेकर बाज़ार की मिली-जुली राय के बावजूद, ट्रेडर पारंपरिक सुरक्षित निवेश विकल्पों का रुख कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर मज़बूत बना हुआ है। इससे सोने की कीमतों को भी मज़बूती बनाए रखने में मदद मिल रही है, जबकि JPY मज़बूत होते डॉलर से मुकाबला कर रहा है।
हालांकि, तेल की कीमतें दबाव में बनी हुई हैं और Fed बनाम ECB की गतिविधियों के अलावा, आर्थिक चिंताओं का बोझ EURUSD पर भी है।
दूसरी ओर, GBPUSD BoE के आक्रामक रुख को सही साबित नहीं कर पा रहा है। वहीं, USDCAD, USDCHF और एशियाई शेयरों में भी खास हलचल नहीं है। ट्रेडर अमेरिका के कई आर्थिक आंकड़ों और नीति निर्माताओं की कर्ज़ सीमा समझौते को अंतिम रूप देने की बहुप्रतीक्षित कोशिश का इंतज़ार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, चीन में क्रिप्टो को लेकर आशावाद और पश्चिमी कंपनियों की ओर से प्रमुख डिजिटल परिसंपत्तियों में उछाल की उम्मीदें BTCUSD और ETHUSD पर गिरावट का दबाव डाल रही हैं। नियामकीय चिंताओं और बड़े ट्रेडिंग पोज़िशनों के लिक्विडेशन के बीच यह दबाव और बढ़ा है।
आगे, अमेरिका के दूसरे स्तर के कई आर्थिक आंकड़े जारी होंगे, जिनसे महंगाई और आर्थिक विकास के संकेत मिल सकते हैं। हालांकि, सबकी नज़र अमेरिकी ऋण सीमा पर बातचीत और फ़ेड की चर्चाओं पर रहेगी। अगर नीति-निर्माता किसी समझौते पर पहुंचते हैं, तो बाज़ार का रुझान बेहतर हो सकता है और शुरुआती उछाल के बाद अमेरिकी डॉलर में गिरावट आ सकती है। इसके विपरीत, अमेरिकी डॉलर तेजी वाले ट्रेडरों की पसंद बना रह सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!