
अमेरिकी शेयर फ़्यूचर्स में हल्की तेज़ी और एशिया-प्रशांत के शेयर बाज़ारों के मिले-जुले प्रदर्शन के बावजूद, ट्रेडिंग सेंटिमेंट निराशाजनक बना हुआ है। इसकी वजह यह हो सकती है कि बाज़ार के खिलाड़ियों को भरोसा नहीं है कि अमेरिकी नीति-निर्माता तत्काल शटडाउन टालने के बावजूद सरकारी कार्यालयों को लंबे समय तक खुला रख पाएँगे। इसके अलावा, चीन और यूरोज़ोन को लेकर चिंताएँ और अहम आँकड़ों/घटनाओं से पहले सतर्कता का माहौल भी ट्रेडर्स को सतर्क रखता है और अमेरिकी डॉलर को मज़बूती देता है। इसके चलते सोने की कीमत में गिरावट आई।
हालांकि, NFP सप्ताह की सतर्क शुरुआत के बीच अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में मामूली बढ़त आई, जबकि तेल की कीमत में पिछले सप्ताह की गिरावट जारी रही।
EURUSD और GBPUSD कई दिनों के निचले स्तरों पर नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि स्विस आंकड़ों में सुधार से USDCHF को हालिया बढ़त को बेहतर ढंग से बनाए रखने में मदद मिल रही है।
आगे बढ़ते हुए, USDJPY ने साल का नया शिखर छुआ, फिर जापानी सरकार द्वारा येन को बचाने के लिए हस्तक्षेप की आशंकाओं के बीच हाल में ठहराव आया। वहीं, घरेलू स्तर पर कमजोर आंकड़ों और चीन से जुड़ी चिंताओं के चलते AUDUSD में सुधार नहीं हो पाया।
दूसरी ओर, ETF Futures से क्रिप्टो बाज़ार में आई आशावादिता कम होने के साथ BTCUSD और ETHUSD छह हफ़्तों के उच्च स्तर के आसपास उतार-चढ़ाव कर रहे हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



हालाँकि, अमेरिकी राजनेता आख़िरी समय में कर्ज़ की सीमा बढ़ाकर सरकार के विनाशकारी शटडाउन को टालने में कामयाब रहे, लेकिन बाज़ार के आशावादी लोग 45 दिनों की अंतरिम फंडिंग को लेकर अब भी संशय में हैं। इसलिए वे अपना पैसा अमेरिकी डॉलर में लगाए हुए हैं। ध्यान देने वाली बात है कि अमेरिका के हालिया आँकड़े फ़ेड की ब्याज दरों को “लंबे समय तक ऊँचा” बनाए रखने की नीति के समर्थन में रहे हैं और डॉलर की अपील को मज़बूत करते हैं। चीन की एवरग्रांडे के लिए बढ़ती मुश्किलें और यूरोज़ोन तथा यूके को लेकर आर्थिक चिंताएँ भी सोने की कीमत पर दबाव डाल रही हैं।
इसके अलावा, सितंबर के लिए चीन के आधिकारिक PMI के कमजोर आंकड़े और ऑस्ट्रेलिया के महंगाई के संकेत XAUUSD पर गिरावट का दबाव बढ़ा रहे हैं और बाज़ार का मूड भी बिगाड़ रहे हैं। ध्यान देने वाली बात है कि स्विस रिटेल सेल्स और जापानी कारोबारी विश्वास के मज़बूत आंकड़ों के साथ-साथ येन की रक्षा के लिए टोक्यो के हस्तक्षेप की आशंकाओं से CHF और JPY को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बढ़त मिली, जबकि अन्य प्रमुख मुद्राएँ कमजोर हुईं।
आगे एक व्यस्त सप्ताह है, जिसमें कई अहम डेटा और इवेंट आने वाले हैं। इसकी शुरुआत US ISM मैन्युफैक्चरिंग PMI और फ़ेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के भाषण से होगी। हालांकि, सरकारी शटडाउन टलने से US ट्रेडर्स में बना आशावाद बाज़ारों को हाल की चालों के बाद स्थिर होने का मौका दे सकता है। फिर भी, US डॉलर के पक्ष में बने कुल रुझान और सोने में संभावित कमजोरी से इनकार नहीं किया जा सकता।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!