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शुक्रवार की शुरुआत में जोखिम लेने की धारणा कमजोर बनी हुई है। इसकी वजह है भू-राजनीतिक चिंताओं के साथ-साथ प्रमुख केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों को "लंबे समय तक ऊंचा" बनाए रखने की नीति को लेकर चिंताएं। इससे अमेरिकी डॉलर चार हफ्तों में पहली साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की स्थिति में है। इसे उपभोक्ताओं से जुड़े उत्साहजनक आंकड़ों और कमजोर बाज़ार धारणा से भी समर्थन मिल रहा है।
जहाँ अमेरिकी डॉलर ने मज़बूत आँकड़ों का स्वागत किया और अगले हफ़्ते की सख़्त रुख़ वाली FOMC बैठक की तैयारी की, वहीं EURUSD यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के अधिकारियों के ऊँची ब्याज दरों के समर्थन से नहीं बढ़ा। इसके अलावा, GBPUSD भी दबाव में रहा, क्योंकि बाज़ार के प्रतिभागियों ने ऊँची दरों को लंबे समय तक बनाए रखने की ब्रिटेन की आर्थिक क्षमता पर सवाल उठाए।
अन्य जगहों पर, G10 करेंसी पेयर्स में USDJPY सबसे ज़्यादा गिरा और पिछले दिन की बढ़त गंवा दी। वहीं, जोखिम से बचने के माहौल और चीन से आई निराशाजनक खबरों के कारण AUDUSD और NZDUSD निचले स्तरों पर बने हुए हैं।
इसके अलावा, सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज हुई, जिससे साप्ताहिक नुकसान समेकित हुआ। वहीं, पिछले दिन 4.5 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुँचने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव रहा।
क्रिप्टोकरेंसी में भारी गिरावट दर्ज की गई और कई वर्षों के उच्चतम स्तरों पर ट्रेडर्स के पोज़िशन लिक्विडेट करने के बीच हाल के कारोबार में इन पर दबाव बना हुआ है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अब तक अमेरिकी उपभोक्ता-केंद्रित आंकड़ों और महंगाई के संकेतों में मजबूती ने US Dollar Index (DXY) को तीन हफ़्तों की गिरावट का सिलसिला तोड़ने में मदद की है। इससे अगले हफ़्ते US Federal Reserve (Fed) की अहम मौद्रिक नीति बैठक से पहले सोने के खरीदारों को चुनौती मिली है।
गुरुवार को फरवरी के अमेरिकी Retail Sales में सुधार हुआ। Producer Price Index (PPI) के मज़बूत आंकड़ों और बेरोज़गारी भत्ते के दावों में कमी के साथ, इससे अमेरिकी डॉलर की बढ़त को समर्थन मिला। डॉलर की तेज़ी ने प्रमुख कमोडिटी और करेंसी पर नीचे की ओर दबाव डाला, ख़ासकर सप्ताह की शुरुआत में जारी हुए मज़बूत Consumer Price Index (CPI) के बाद।
अमेरिका के डेटा ने भी फेड की ओर से ब्याज दरों में कटौती में देरी की उम्मीदों के बीच बाज़ार की धारणा को कमजोर किया। रूस के बेलारूस में सामरिक परमाणु हथियार तैनात करने की खबर से जोखिम लेने की भूख और कम हुई। यह कदम NATO को दी गई रूस की पिछली धमकियों को और पुख्ता करता है। इसके चलते अमेरिकी डॉलर में मामूली तेज़ी आई और इक्विटी तथा ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर जैसी ज़्यादा जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव पड़ा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि रूस से जुड़ी खबरों के चलते सप्लाई में कमी की आशंका से क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ीं। साथ ही, ऐसी खबरें भी हैं कि अमेरिकी ऊर्जा विभाग (DOE), सामरिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) के लिए लगभग 3 मिलियन बैरल तेल खरीदने की तैयारी में है।
अन्य बाज़ारों में, जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी के यह कहने से पहले कि “बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) अपने महंगाई लक्ष्य को लगातार हासिल करेगा”, USDJPY ने साप्ताहिक उच्च स्तर को छुआ और फिर 148.65 से पीछे हट गया। जापान के वित्त मंत्री शुनिची सुज़ुकी ने भी वेतन वृद्धि के मज़बूत रुझान का ज़िक्र किया। इससे BoJ के सख़्त रुख़ वाले अधिकारियों को उकसाने और जापानी येन (JPY) को अमेरिकी डॉलर की वापसी का मुक़ाबला करने का मौका मिला।
EURUSD में अब तक के आंकड़े इतने प्रभावशाली नहीं रहे कि वे ECB अधिकारियों की हॉकिश टिप्पणी का समर्थन कर सकें। इसके अलावा, यूरो क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को लेकर भी चर्चाएं हैं। इससे अगले हफ्ते ECB अध्यक्ष Christine Lagarde के भाषण और Flash PMIs से पहले यूरो पेयर पर गिरावट का दबाव पड़ रहा है।
BTCUSD अपने अब तक के उच्चतम स्तर से नीचे लौटा और अब इस सप्ताह नुकसान के लिए तैयार दिख रहा है। यह तब हुआ जब ब्रिटेन के एक न्यायाधीश ने क्रेग राइट के उस दावे को खारिज कर दिया कि वे सातोशी नाकामोटो हैं, जो बिटकॉइन के छद्मनाम वाले निर्माता हैं। गुरुवार की गिरावट के चलते कुल 250 मिलियन डॉलर से अधिक के लिक्विडेशन हुए। सिर्फ बिटकॉइन ही नहीं, Ethereum में भी गिरावट आई और सात हफ्तों में पहली साप्ताहिक गिरावट लगभग तय दिख रही है। मार्च में अब तक ETH की बड़ी मात्रा एक्सचेंजों पर आई है, जबकि Dencun अपग्रेड आने वाला है।
आगे, मार्च के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन के कंज़्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स (CSI) के शुरुआती आंकड़े और 5-वर्षीय मुद्रास्फीति की अपेक्षाएं इंट्राडे ट्रेडर्स का ध्यान खींचेंगी।
हालांकि, अगले सप्ताह होने वाली Federal Open Market Committee (FOMC) की मौद्रिक नीति बैठक पर सबकी नज़र रहेगी। इस बीच, अटकलें हैं कि Fed ब्याज दरों में कटौती टाल सकता है। अगर इसकी पुष्टि होती है, तो अमेरिकी डॉलर की रिकवरी आगे बढ़ सकती है। ध्यान दें कि बाज़ार जून में दरों में कटौती को पहले ही कीमतों में शामिल कर चुके हैं। ऐसे में, कमोडिटी खरीदारों की प्रतिक्रिया को परखने के लिए काफ़ी हॉकिश संदेश की ज़रूरत होगी।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!