
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले मंगलवार को बढ़ती चिंता के बीच ट्रेडर फिलहाल बाजार से दूर हैं। आज के आर्थिक कैलेंडर में सिर्फ US CPI ही नहीं, बल्कि जापान और यूरोज़ोन के GDP आंकड़े तथा UK की रोजगार रिपोर्ट भी शामिल हैं।
आगामी अहम घटना को लेकर चिंता और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला। इसके चलते प्रमुख कमोडिटी और ऑस्ट्रेलियाई तथा न्यूज़ीलैंड डॉलर मज़बूत बने रहे। वहीं, सोना पांच हफ्तों के निचले स्तर से उबरा, लेकिन मिले-जुले बुनियादी कारकों के बीच कच्चे तेल के खरीदारों को संघर्ष करना पड़ा।
इसके अलावा, UK के अधिकतर सकारात्मक जॉब डेटा से GBPUSD में तेजी आई, जबकि उम्मीद से बेहतर Japan GDP और BoJ गवर्नर पद के लिए Ueda के नामांकन से USDJPY में मंदी के ट्रेडर्स को फायदा हुआ। साथ ही, US Dollar में नरमी के बावजूद NZDUSD गिरा, क्योंकि RBNZ की महंगाई संबंधी उम्मीदें कम हुईं।
दूसरी ओर, कई दिनों के निचले स्तर से उछलने के बाद BTCUSD और ETHUSD में सुस्ती बनी हुई है। बाज़ार में अधिक भागीदारी की उम्मीदें नियामकीय आशंकाओं के उलट हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, यील्ड में नरमी और जापान व UK के ज़्यादातर सकारात्मक आंकड़ों के साथ मंगलवार की शुरुआत में सतर्क आशावाद को बढ़ावा दे रहा है। हालांकि, US CPI से बाज़ार की “सकारात्मक हैरानी” की उम्मीदों और अमेरिकी महंगाई के कमज़ोरी दिखाने वाले संकेतों के बीच अंतर ट्रेडिंग की गति को सीमित कर रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका-चीन के बीच तनातनी फिर चर्चा में है, क्योंकि अमेरिकी राजनेता बीजिंग पर जासूसी की कथित कोशिशों को लेकर गुब्बारे की जांच की मांग कर रहे हैं। ध्यान देने वाली बात है कि अलग-अलग देशों के केंद्रीय बैंकर हाल ही में सतर्क हो गए हैं और अगला कदम तय करने के लिए आने वाले आंकड़ों को अहम बता रहे हैं। इससे आज के आंकड़ों का महत्व बढ़ता है और बाज़ार का सतर्क रुख और मजबूत होता है।
हालांकि, बाज़ार में सुस्ती के बावजूद सोना महीने के निचले स्तर से खरीदारों को आकर्षित करने में सफल रहा। इसकी मुख्य वजह USD और यील्ड में नरमी रही। GBPUSD जोड़ी के लिए UK के आंकड़ों से मिली बढ़त बनाए रखना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि ट्रेडर अमेरिका के अहम आंकड़ों का इंतज़ार कर रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में भी हल्की खरीदारी बनी हुई है, लेकिन मंदी के पक्ष में ट्रेड करने वालों को उम्मीद है कि रूस से जुड़ी सप्लाई की कमी को पूरा करने के लिए US अपने रणनीतिक तेल भंडार जारी करता रहेगा।
क्रिप्टोकरेंसी वित्तीय दुनिया से अलग-थलग नहीं हैं और सुस्त बनी हुई हैं। ऐसा तब भी है जब बड़े निवेशक निचले स्तरों पर लॉन्ग पोज़िशन्स जमा करते दिख रहे हैं और कड़े नियमों की आशंकाएं बनी हुई हैं।
हालाँकि यूरोज़ोन GDP के आंकड़े भी जारी होने बाकी हैं, लेकिन नीति में बदलाव की आशंकाओं और हाल ही में बाज़ार की बढ़ी हुई आक्रामक उम्मीदों के बीच ट्रेडरों की नज़र जनवरी के US CPI पर है। ध्यान देने वाली बात है कि साल की शुरुआत में महंगाई के आंकड़े आम तौर पर ऊँचे आते हैं। इसलिए, सकारात्मक सरप्राइज़ की उम्मीदें भी ट्रेडरों को अनिश्चितता में रखती हैं। अगर आंकड़े उम्मीद के मुताबिक आते हैं, तो US Dollar के खरीदार फिर सक्रिय हो सकते हैं और जोखिम वाली एसेट्स पर गिरावट का दबाव बढ़ सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!