
शुक्रवार की शुरुआत में बाज़ार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ, जिससे अमेरिकी डॉलर के बुल्स को थोड़ी राहत मिली और सोने की कीमतों में लंबे समय से अपेक्षित उछाल आया। हालिया कंसोलिडेशन की वजह यह चिंता हो सकती है कि नीति-निर्माता अमेरिकी डिफॉल्ट से बचने के लिए समझौते के करीब हैं। अमेरिकी डेटा मज़बूत रहने के बावजूद Fed के नीति-निर्माताओं की मिली-जुली टिप्पणियों ने भी सुधारात्मक उछाल को बल दिया।
इसके चलते US Treasury बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई और बाज़ार का सेंटीमेंट कुछ बेहतर हुआ। इससे सोने को दो महीने के निचले स्तर से उबरने में मदद मिली। ध्यान देने वाली बात है कि Brent Oil की कीमत तीन हफ़्तों में हुई अपनी सबसे बड़ी दैनिक गिरावट की कुछ भरपाई कर रही है।
इसके बावजूद, EURUSD में हल्की खरीदारी बनी हुई है, जबकि GBPUSD मिले-जुले UK Retail Sales के बावजूद 100-DMA सपोर्ट के ऊपर मजबूती बनाए हुए है। इसके अलावा, कमजोर यील्ड और BoJ को लेकर आक्रामक रुख की चिंताओं के चलते G10 करेंसी पेयर्स में USDJPY सबसे अधिक गिरा।
हालांकि, यह ध्यान रखना चाहिए कि BTCUSD पर माइनर्स की पोज़िशन के बड़े पैमाने पर लिक्विडेशन का दबाव है, जबकि ETHUSD पिछले दिन दो हफ़्तों के निचले स्तर से उछलने के बाद धीरे-धीरे ऊपर बढ़ रहा है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



जहाँ बाज़ार की ज़्यादातर चर्चाओं में हाल की बाज़ार धारणा में सुधार के पीछे नीति-निर्माताओं की इस उम्मीद को मुख्य वजह बताया जा रहा है कि अमेरिका डिफ़ॉल्ट से बच जाएगा, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि अमेरिका के कई आँकड़े जारी होने से पहले साप्ताहिक उतार-चढ़ाव में कमी आई है। इसलिए ट्रेडर अमेरिका के आँकड़े जारी होने से पहले अपनी साप्ताहिक पोज़िशन बंद कर रहे हैं। इन आँकड़ों से FED का hawkish रुख फिर मज़बूत हो सकता है, जो पिछले दिन नरम पड़ा था।
दूसरी ओर, ब्रिटेन की रिटेल सेल्स में सुधार हुआ, लेकिन वे बाज़ार की सकारात्मक उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया की रिटेल सेल्स कमजोर रहीं, लेकिन कमजोर USD के कारण ऑस्ट्रेलियाई करेंसी पेयर अपेक्षाकृत मज़बूत बना रहा। इसी वजह से NZDUSD में भी धीरे-धीरे बढ़त जारी रही, हालांकि RBNZ अधिकारियों ने आगे ब्याज दरें कम रखने के संकेत दिए।
सोने में आगे गिरावट की संभावना है, लेकिन अमेरिकी आंकड़ों और ऋण सीमा पर समझौते से पहले यह फिलहाल अपनी स्थिति बनाए हुए दिख रहा है। वहीं, रूस को ब्रेंट ऑयल के $80.00 तक पहुंचने की उम्मीद के बीच ऊर्जा की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशा से कच्चे तेल में मामूली बढ़त दर्ज हुई।
दूसरी ओर, बिटकॉइन माइनर्स की लिक्विडेशन, आंकड़ों और अमेरिकी कर्ज़ की सीमा बढ़ाए जाने के बाद USD के मज़बूत होने की आशंकाओं को बढ़ा रही है। वहीं, ETHUSD वीकेंड में बड़ी हलचल की तैयारी कर रहा है।
चाहे अमेरिकी टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर हों या Fed का पसंदीदा महंगाई संकेतक—और US में डिफ़ॉल्ट से बचने के लिए होने वाले संभावित समझौते को भी न भूलें—कई कारक शुक्रवार को बाज़ार में सक्रियता और/या सोमवार को बड़े गैप का कारण बन सकते हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!