
गुरुवार की शुरुआत में बाज़ारों में आंकड़े जारी होने से पहले की सामान्य सुस्ती दिखी। हालांकि, अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड में नरमी और हाल ही में फ़ेड अधिकारियों की नरम टिप्पणियों से अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ा।
इसके साथ ही, बैंक ऑफ़ जापान की आसान मौद्रिक नीति से बाहर निकलने की चर्चाओं ने भी JPY को व्यापक रूप से मज़बूत किया, जिससे USDJPY में तेज़ गिरावट आई।
दूसरी ओर, चीन के मज़बूत महंगाई आँकड़े और ऑस्ट्रेलिया के उत्साहजनक ट्रेड बैलेंस से AUDUSD और NZDUSD को सहारा नहीं मिला, क्योंकि अमेरिका के नरम CPI आँकड़ों की उम्मीद में खरीदार पीछे हट रहे हैं। इसके अलावा, तेल की कमज़ोर कीमतों के बीच USDCAD भी इसी रुझान पर है, जबकि EURUSD और GBPUSD को स्पष्ट दिशा नहीं मिल रही है।
अन्य बाज़ारों में, सोने की कीमत आठ महीने के उच्च स्तर के आसपास मज़बूत बनी हुई है। वहीं, पिछले दिन दो महीनों की सबसे बड़ी बढ़त के बाद ब्रेंट ऑयल उस बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहा।
BTCUSD ने महीने का नया उच्च स्तर छुआ, जबकि ETHUSD नौ सप्ताह के उच्च स्तर पर उछला। अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी के साथ क्रिप्टो ट्रेडर्स ने भी राहत की सांस ली।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



चाहे Fed के नीति-निर्माताओं का हॉकिश रुख अपनाने से बचना हो या हाल के निराशाजनक US आँकड़े, और चीन के चलते सेफ़-हेवन की घटती माँग को भी न भूलें—2023 के पहले महीने में रिस्क-ऑन माहौल हावी रहने के कारण सब कुछ US Dollar पर दबाव डालता दिख रहा है। इसी क्रम में ECB गवर्निंग काउंसिल के सदस्यों की ओर से और हॉकिश टिप्पणियाँ तथा BoJ की बेहद आसान मौद्रिक नीति समाप्त होने की चर्चाएँ भी शामिल हो सकती हैं।
इसे US Treasury बॉन्ड यील्ड को नीचे रखने और कमोडिटी तथा इक्विटी को सहारा देने वाला भी माना जा सकता है, क्योंकि बाज़ार के प्रतिभागी आज के US महंगाई के आंकड़ों का इंतज़ार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, चीन का मज़बूत CPI, PPI के एक और नकारात्मक आंकड़े की भरपाई नहीं कर सका और सकारात्मक रुझान को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं लगा। ध्यान देने वाली बात है कि ऑस्ट्रेलिया के मज़बूत व्यापार आंकड़े और न्यूज़ीलैंड में बिल्डिंग परमिट में उछाल भी आशावादियों को प्रभावित नहीं कर सके, क्योंकि वे अहम आंकड़ों का इंतज़ार कर रहे हैं।
हालांकि, चीन और भारत की अगुवाई में खरीदारी बढ़ने से गोल्ड मजबूती की स्थिति में है, वहीं US Dollar की कमजोरी से बुलियन को और समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, हाल में मामूली गिरावट के बावजूद Brent ऑयल की कीमतें भी धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। इसकी वजह एशिया से ऊर्जा की अधिक मांग की उम्मीदें हैं।
क्रिप्टोकरेंसी में नियामकीय चिंताओं के बावजूद अप्रत्याशित तेज़ी दिख रही है। इसकी वजह यह राहत हो सकती है कि फिलहाल FTX संकट का सबसे बुरा दौर बीत चुका है।
कई केंद्रीय बैंकर्स के बयान आने वाले हैं और उनसे बाज़ार में उल्लेखनीय हलचल हो सकती है। हालांकि, ब्याज दरों में कम आक्रामक बढ़ोतरी और नीतिगत बदलाव की चर्चाओं के बीच दिसंबर का अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) बाज़ारों के लिए अहम होगा। अगर अमेरिकी महंगाई उम्मीद से अधिक घटती है, तो अमेरिकी डॉलर 2022 के निचले स्तर तक गिर सकता है और कमोडिटी के साथ-साथ शेयरों में भी हालिया तेजी जारी रह सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!