
पूंजी का मजबूत प्रवाह और अमेरिका के सकारात्मक आंकड़े, जोखिम के लिए नकारात्मक भू-राजनीतिक खबरों से टकराए और 2025 की शुरुआत हलचल भरी रही। हालांकि, शुक्रवार को चीन से आई खबरों और अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से कुछ आशावाद बढ़ा। नतीजतन, छुट्टियों के कारण छोटे हुए सप्ताह में अंतिम आंकड़े जारी होने से पहले ट्रेडर्स सतर्कता के साथ सकारात्मक रुख अपना रहे हैं।
इस माहौल में, US डॉलर इंडेक्स (DXY) नवंबर 2022 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गया, जिससे प्रमुख मुद्राओं पर नीचे की ओर दबाव पड़ा। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर में आगे गिरावट नहीं हुई, जबकि सोने और क्रूड ऑयल ने कई हफ्तों के नए उच्च स्तर बनाए।
2025 के पहले ट्रेडिंग दिन मज़बूत US PMI और कमज़ोर Jobless Claims डेटा ने US Dollar को बढ़ावा दिया। इसके उलट, European Central Bank (ECB) के नरम रुख़ और EU/German के निराशाजनक PMI ने EURUSD को नवंबर 2022 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया। इसी तरह, UK Manufacturing PMI के कमज़ोर रहने और ब्रिटिश वित्त मंत्री Rachel Reeves की Bank of England की संभावित ब्याज दर कटौती पर टिप्पणियों से GBPUSD अप्रैल 2024 के बाद के नए निचले स्तर पर आ गया। वहीं, Bank of Japan (BoJ) को लेकर मिली-जुली चर्चाओं और चार दिन की छुट्टी के दौरान जापान के हस्तक्षेप के बीच USDJPY में मामूली बढ़त ही रही।
2025 में पीपुल्स बैंक ऑफ़ चाइना (PBoC) की ब्याज दर में कटौती की बढ़ती उम्मीदों और चीन के राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग (NDRC) के अधिक प्रोत्साहन उपायों के संकेत देने वाले बयानों से चीन की आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताएं कम हुईं। हल्के आर्थिक कैलेंडर और बाज़ार में स्थिरता के साथ, इससे AUDUSD और NZDUSD में और गिरावट रुक गई। ये दोनों दिसंबर के अपने निचले स्तरों के आसपास बने हुए हैं।
इस बीच, तेल की ऊंची कीमतों के कारण USDCAD की लगातार दो दिनों की बढ़त थम गई। हालांकि, इसमें गिरावट की रफ्तार कमजोर बनी हुई है, जिससे इस लूनी पेयर में आगे और बढ़त की संभावना दिखती है। बैंक ऑफ कनाडा (BoC) के नरम रुख के परिदृश्य के बीच यह संभावना बनी हुई है।
2010 के बाद सालाना सबसे बड़ी बढ़त दर्ज करने के बाद, सोने ने 2025 की शुरुआत मज़बूती से की और तीन हफ़्तों के उच्च स्तर पर पहुँच गया। अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बावजूद, केंद्रीय बैंकों की दुविधाओं, भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार युद्धों से बढ़ी बाज़ार की अनिश्चितता ने ट्रेडर्स को इस पारंपरिक सुरक्षित विकल्प की ओर आकर्षित किया, जिससे सोने को सहारा मिला।
सोने की तरह, कच्चे तेल के खरीदारों ने अमेरिकी डॉलर की बढ़त को नज़रअंदाज़ किया और 2025 की शुरुआत मज़बूती के साथ की। लगातार चार दिनों की तेज़ी के दौरान कीमतें मध्य अक्टूबर के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। घटते भंडार, ईरान के आसपास बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और चीन से अधिक प्रोत्साहन की उम्मीदों से ऊर्जा बाज़ार को समर्थन मिला। हालांकि, OPEC+ की उत्पादन नीति को लेकर चिंताएं, Fed का सख्त रुख और भारी प्रोत्साहन के बावजूद वैश्विक भरोसा फिर से हासिल करने की चीन की क्षमता पर संदेह, कच्चे तेल के खरीदारों पर दबाव डाल रहे हैं।



अन्य बाज़ारों में, 2025 के पहले कारोबारी दिन लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी में मामूली बढ़त हुई, लेकिन शुक्रवार की शुरुआत में वे इस तेजी को बनाए रखने में संघर्ष करती दिखीं। चीन में क्रिप्टो नियमों को संभावित रूप से सख़्त किए जाने से बिटकॉइन (BTCUSD) और इथेरियम (ETHUSD) के खरीदारों की परीक्षा हो रही है। हालाँकि, डोनाल्ड ट्रंप की संभावित उद्योग-अनुकूल नीतियों को लेकर आशावाद और बड़ी वैश्विक कंपनियों का समर्थन BTCUSD और ETHUSD, दोनों के लिए परिदृश्य को सकारात्मक बनाए हुए है।
आगे शुक्रवार को दिसंबर के अमेरिकी ISM PMI आंकड़ों और अमेरिकी Federal Reserve (Fed) तथा ECB के मध्यम स्तर के अधिकारियों के भाषणों पर मोमेंटम ट्रेडर्स की नज़र रहेगी। हालांकि, उत्सव का माहौल, हल्का आर्थिक कैलेंडर और भू-राजनीतिक खबरों का मिला-जुला रुख, अमेरिकी रोज़गार रिपोर्ट वाले अहम सप्ताह से पहले बाज़ार की हलचल को सीमित कर सकते हैं।
हालांकि, आने वाले इवेंट्स से निराशा न होने पर अमेरिकी डॉलर और सोना हाल की बढ़त बनाए रख सकते हैं। इससे क्रूड ऑयल और ऑस्ट्रेलियाई तथा न्यूज़ीलैंड की मुद्राओं पर दबाव पड़ सकता है, जबकि EURUSD और GBPUSD कई महीनों के नए निचले स्तर पर जा सकते हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!