
जनवरी में Fed की पहली दर कटौती की संभावना घटने और भू-राजनीतिक तनावों के चलते जोखिम वाले एसेट्स का रुझान कमजोर बना हुआ है। हालांकि, इससे बॉन्ड यील्ड में तेज़ी नहीं आई, लेकिन अमेरिकी डॉलर को उबरने में मदद मिली।
इसके चलते ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर से जुड़े करेंसी पेयर्स और कमोडिटीज़ में मामूली गिरावट आई, लेकिन सप्लाई बाधित होने की आशंका और इन्वेंटरी में बड़ी गिरावट के बीच क्रूड ऑयल मज़बूत बना हुआ है। इसके अलावा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) और Bank of England (BoE) को लेकर नरम रुख का दबाव EURUSD और GBPUSD पर बना हुआ है।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया के कमजोर आंकड़ों और चीन से जुड़ी चिंताओं के चलते AUDUSD और NZDUSD में और गिरावट आई, जबकि गोल्ड की कीमत अल्पकालिक अहम सपोर्ट तक नीचे आ गई। इसके अलावा, वॉल स्ट्रीट में कारोबार मिला-जुला बंद हुआ, जबकि एशिया-पैसिफ़िक के शेयरों और अमेरिकी स्टॉक फ़्यूचर्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
क्रिप्टोकरेंसी में मिला-जुला कारोबार रहा। Bitcoin के भाव में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जबकि लंबे समय से प्रतीक्षित स्पॉट ETF मंज़ूरियों से पहले Ethereum में तेज़ी बनी रही।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



मंगलवार को अमेरिका का अंतरराष्ट्रीय व्यापार घाटा घटकर -$63.2 बिलियन रह गया। विश्लेषकों को -$65.0 बिलियन की उम्मीद थी, जबकि पिछला आंकड़ा $64.5 बिलियन था। इससे कमजोर बॉन्ड यील्ड के बावजूद US Dollar के खरीदारों को सहारा मिला। इसके अलावा, दिसंबर के लिए US NFIB Business Optimism Index पिछले 90.6 और बाजार के 90.7 के अनुमान से बढ़कर 91.9 पर पहुंच गया। हालांकि, ध्यान देने वाली बात है कि Atlanta Fed का GDPNow Model अमेरिका की Q4 वृद्धि 2.2% रहने का अनुमान दे रहा है, जबकि 03 जनवरी को यह अनुमान 2.5% था।
अमेरिका के ज्यादातर मज़बूत आंकड़ों और बेहतर अमेरिकी रोज़गार आंकड़ों के मद्देनज़र US CPI की तैयारी के साथ-साथ, बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने भी अमेरिकी डॉलर की तेज़ी को सहारा दिया। इसी बीच, पेरू ने इक्वाडोर के साथ अपनी उत्तरी सीमा पर आपातकाल घोषित कर दिया। इक्वाडोर में अमेरिकी डॉलर मुद्रा के रूप में इस्तेमाल होता है। यह कदम Fito नाम से मशहूर एक कुख्यात गैंग सरगना के जेल से भागने और देशभर में दंगे भड़कने के बाद उठाया गया। इसी तरह, CNBC ने हूती आतंकवादियों द्वारा लाल सागर में व्यापारिक जहाज़ों पर किए गए अब तक के सबसे बड़े हमले की खबर साझा की।
अमेरिकी डेटा और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति ने अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया, जबकि European Central Bank (ECB) से आए निराशाजनक अपडेट्स ने EURUSD पर दबाव डाला। दूसरी ओर, जापान में महंगाई के नरम संकेतों और घटती यील्ड से USDJPY के विक्रेताओं को राहत नहीं मिली, जिससे येन पेयर में रिकवरी शुरू हुई। इसके अलावा, आज Bank of England (BoE) के गवर्नर Andrew Bailey के भाषण की तैयारी के बीच GBPUSD में पिछले दिन की गिरावट भी जारी रही।
दूसरी ओर, American Petroleum Institute (API) के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के साप्ताहिक ऑयल इन्वेंटरी में उम्मीद से ज़्यादा गिरावट और लाल सागर व इक्वाडोर से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिमों ने मिलकर ऑयल की कीमतों में रिकवरी को बढ़ावा दिया। हालांकि, निराशाजनक माहौल और मज़बूत अमेरिकी डॉलर के बीच गोल्ड की कीमत पर दबाव बना हुआ है।
ECB के नवीनतम अध्ययन के अनुसार, मौद्रिक नीति के झटकों का असर सेवाओं की तुलना में मैन्युफैक्चरिंग पर ज़्यादा होता है। यह यूरोपीय मैन्युफैक्चरिंग के मंदी में प्रवेश करने और क्षेत्र की वृद्धि के लिए चुनौती बनने की बात को सही ठहराता है, साथ ही प्रतिबंधात्मक नीतियों से जल्द बाहर निकलने की ज़रूरत पर भी ज़ोर देता है। इसके अलावा, ECB के नीति-निर्माता Francois Villeroy de Galhau ने कहा कि जब महंगाई की उम्मीदें 2% पर मजबूती से स्थिर हो जाएंगी, तब वे इस साल दरों में कटौती करेंगे। ECB के नीति-निर्माता Mario Centeno ने भी कहा कि European Central Bank की दरों में कटौती बाजार की उम्मीद से पहले हो सकती है।
दूसरी ओर, नवंबर में जापान की वास्तविक मज़दूरी में एक और बड़ी गिरावट दर्ज की गई—साल-दर-साल 3.0%—जो BoJ की आसान मौद्रिक नीति को सही ठहराती है। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया का नवंबर CPI पिछले 4.9% और अनुमानित 4.4% से घटकर 4.3% पर आ गया।
इसके अलावा, पीपुल्स बैंक ऑफ़ चाइना (PBoC) के वरिष्ठ अधिकारी Zou Lan ने मौद्रिक नीति में और ढील देने और दरों में कटौती के संकेत दिए। यह Fed के नरम रुख में हालिया कमी के विपरीत है, जिससे US Dollar की रिकवरी को मज़बूती मिली। ध्यान देने वाली बात है कि चीन में ढील की खबर से Shanghai Composite को सहारा नहीं मिला। यह अप्रैल 2022 के बाद के सबसे निचले स्तर पर गिर गया और जोखिम से बचने के लिए बाज़ार ने US Dollar की ओर रुख किया।
क्रिप्टो की बात करें, तो BTCUSD में पिछले दिन ज़बरदस्त उतार-चढ़ाव देखा गया। शुरुआत में इसने कई महीनों का उच्च स्तर बनाया, लेकिन बाद में गिरावट के साथ बंद हुआ। ऐसा तब हुआ जब अमेरिकी SEC गवर्नर का अकाउंट हैक हो गया और उस अकाउंट से पहले Bitcoin के spot ETF को मंज़ूरी मिलने की पुष्टि की गई, फिर इससे इनकार कर दिया गया। वहीं, अधिक पूंजी आने की उम्मीदों के बीच Ethereum में मज़बूती बनी हुई है।
कल के अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले आर्थिक कैलेंडर में ज्यादातर शांति है, लेकिन केंद्रीय बैंकरों के भाषण बाज़ार के प्रतिभागियों का ध्यान खींचेंगे। इनमें BoE के गवर्नर एंड्रयू बेली पर खास नज़र रहेगी, क्योंकि UK को लेकर चिंताएँ बढ़ने के बावजूद BoE के ज़्यादातर अधिकारी हॉकिश रुख अपनाए हुए हैं। अगर नीति-निर्माता आर्थिक मुश्किलों को छिपाने और हॉकिश रुख का बचाव करने में सफल रहते हैं, तो GBPUSD पिछले दिन के नुकसान की भरपाई कर सकता है। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर को मज़बूत बनाए रखने के लिए Fed के बयानों को आर्थिक आशावाद का बचाव करना होगा।
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